पर्यावरण समस्या और समाधान की सम्पूर्ण जानकारी

पर्यावरण समस्या और समाधान  की सम्पूर्ण जानकारी

प्रदूषण :-

पर्यावरण के अजैविक घटकों (abiotic) के भौतिक रासायनिक और जैविक अभीलक्षणों (properties) मैं होने वाला अवांछनीय परिवर्तन जिससे जीवो पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता हो प्रदूषण कहलाता है प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्यावरण (सुरक्षा) अधिनियम 1986 में बनाया गया।

प्रदूषण के  प्रकार-

  1. वायु प्रदूषण
  2. जल प्रदूषण
  3. भूमि प्रदूषण
  4. ध्वनि प्रदूषण

रेडियो एक्टिव प्रदूषण - 

प्रदूषक इसे निम्न आधारों पर विभाजित किया जा सकता है

1. उत्पत्ति के आधार पर -

A. प्राकृतिक प्रदूषक (natural )

B. मानव जनित प्रदूषक (manmade )

2. अवस्था के आधार पर :- 

A. ठोस कणिकीय प्रदूषक (solid particulate pollutant )

B. तरल प्रदूषक (liquid pollutant )

C. गैसीय प्रदूषक (gaseous pollutant )

3. स्वरूप के आधार पर :-

A. प्राथमिक प्रदूषक (primary):- प्रकृति में मूल रूप में रहकर प्रदूषण फैलाते हैं -plastic

B. द्वितीयक प्रदूषक (secondary):- प्राथमिक प्रदूषकों की अंतक्रिया (reaction) से बनने वाला प्रदूषक ammonia, ozone, nitrous oxide

4. निस्तारण की प्रकृति के आधार पर :-

A. जैव निम्नीकरणीय प्रदूषक (biodegradable):- घरेलू कचरा मल मूत्र जो सूक्ष्म जीवों द्वारा (by microbial action) विघटित हो जाए

B. जैव अनिम्रीकरणीय प्रदूषक (non bio degradable) :- प्लास्टिक, भारी धातुएं, रेडियोएक्टिव तत्व जो सूक्ष्म जीवों द्वारा विघटित ना हो

वायु प्रदूषण

वायुमंडल में उपस्थित गैसों की मात्रा एवं अनुपात में नकारात्मक परिवर्तन की स्थिति में वायु प्रदूषण कहते है

द एयर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट, 1981 के अनुसार, "वायु प्रदूषण वातावरण में किसी भी ठोस, तरल या गैसीय पदार्थों की वायु में उपस्थिति है जिससे कि संपत्ति, पर्यावरण, मनुष्य या अन्य जीवो के लिए हानिकारक हो सकता है या हो सकता है"।

  • नाइट्रोजन - 78.03
  • ऑक्सीजन - 20.99
  • आर्गन - 0.93
  • कार्बन डाईऑक्साइड - 0.03
  • हाइड्रोजन - 0.01
  • नियोन - 0.0018
  • हीलियम - 0.0005
  • क्रिप्टान - 0.0001
  • जेनान - 0.000005
  • ओजोन - 0.0000001

वायु प्रदूषण स्रोतों के चार मुख्य प्रकार हैं:

  • गतिशील स्रोत - जैसे कार, बस, विमान, ट्रक और ट्रेनें
  • स्थिर स्रोत - जैसे कि बिजली संयंत्र, तेल शोधन, औद्योगिक सुविधाएं और कारखाने
  • क्षेत्र के स्रोत - जैसे कृषि क्षेत्र, शहर, और लकड़ी के जलने वाले फायरप्लेस
  • प्राकृतिक स्रोत - जैसे हवा में उड़ने वाली धूल, दावानल, और ज्वालामुखी, जैविक क्षय, पराग कण, मार्श, रेडियोधर्मी सामग्री

वायु प्रदूषक ( AIR POLLUTANTS )

1. प्राथमिक वायु प्रदूषकः वे प्रदूषक जो वायुमंडल में किसी भी उत्सर्जन स्रोत से सीधे उत्सर्जित होते हैं, प्राथमिक वायु प्रदूषक कहलाते हैं। जैसे सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), लेड (Pb), अमोनिया (NH3) आदि। 

2. द्वितीयक वायु प्रदूषकः द्वितीयक प्रदूषक प्राथमिक वायु प्रदूषकों और सामान्य वायुमंडलीय घटकों के बीच प्रतिक्रियाओं से बनते हैं। कुछ मामलों में, ये प्रदूषक सौर ऊर्जा का उपयोग करके बनाए जाते हैं। जैसे ओजोन, Peroxyacetylnitrate (PAN), Nitrogen dioxide (NO₂), Smog etc. आदि।

ओजोन प्रदूषण ( Ozone pollution )

  • यह अस्थिर, अत्यधिक प्रतिक्रियाशील है।
  • ब्लीच के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, डिओडोरिंग एजेंट, और हवा और पीने के पानी के लिए एक साफ करने में काम ।
  • स्वाभाविक रूप से समताप मंडल में कम सांद्रता में, अच्छा "ओजोन" → यह खतरनाक पराबैंगनी प्रकाश से पृथ्वी की सतह की रक्षा करता है।

"खराब" ओजोन

  • troposphere, मानव निर्मित है, आंतरिक दहन इंजन और बिजली संयंत्रों से वायु प्रदूषण का एक परिणाम है।
  • नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसों (NOx) + वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (वीओसी), जलते गैसोलीन और कोयले के उत्पादों द्वारा।

ओजोन क्षरण को रोकने के लिए वैश्विक पहल

  • 1985 - ओजोन परत के संरक्षण के लिए वियना कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय समझौता था जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों ने समताप मंडल की ओजोन परत को नुकसान को रोकने के मूलभूत महत्व को मान्यता दी थी।
  • 16 सितम्बर 1987 मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) के उपभोग और उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए- इसी लिए 16 सितम्बर को ओजोन दिवस मानते है

अम्लीय वर्षा

  • अम्लीय वर्षा किसी भी वर्षा (बारिश, कोहरा, धुंध, बर्फ) को संदर्भित करता है जो सामान्य से अधिक अम्लीय है (5.6 से 2 तक PH) सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) तथा नाइट्रोजन के ऑक्साइड (NOx) + H2O = सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) तथा नाइट्रिक अम्ल (HNO3) बनते हैं
  • SOx (सल्फर ऑक्साइड) - जीवाश्म ईंधन जलना, बिजली संयंत्र, धातु सल्फाइड अयस्कों का प्रगलन, औद्योगिक स्रोत, धातुकर्म, रासायनिक और उर्वरक उद्योगों में सल्फ्यूरिक एसिड का औद्योगिक उत्पादन ज्वालामुखी, समुद्र और महासागर, कार्बनिक पदार्थों का अपघटन।
  • NOx (नाइट्रोजन ऑक्साइड- NO, NO2 और ) -  जीवाश्म ईंधन जलना, बिजली गिरना, बायोमास जलना, जंगल की आग, समुद्र, बिजली संयंत्र। एनआईओएस एनवायरनमेंट में नो और एन 2 ओ का उल्लेख किया गया है)

अम्ल वर्षा के कुप्रभाव

  • अम्ल वर्षा (acid rain) से जलसाधन प्रदूषित होते हैं जिससे जल में रहने वाले जीवों में से मछलियाँ सर्वाधिक प्रभावित हुई हैं.
  • अम्ल वर्षा (acid rain) से जंगलों को क्षति पहुँची है. पश्चिमी जर्मनी के तीन चौथाई जंगलों को अम्ल वर्षा (acid rain) से हानि पहुँची है.
  • इमारतों को भी अम्ल वर्षा (acid rain) से नुकसान पहुँचता है. मुख्यतया SO2 चूना पत्थर द्वारा अवशोषित
  • होकर उसे जिप्सम में बदल देती है जिससे दरारें पड़ जाती हैं. अम्ल वर्षा (acid rain) का एक अन्य कुप्रभाव संक्षारण (Corrosion) के रूप में देखा जाता है. इससे ताँबें की बनी नालियाँ प्रभावित होती हैं और मिट्टी में से अलमुनियम (AI) घुलने लगता है. यही नहीं सीसा (Pb) कैडमियम (Cd) तथा पारद (Hg) भी घुलकर जल को जहरीला बनाते हैं.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow